➤ बड़ा भंगाल के लिए सड़क निर्माण को 10 करोड़ रुपये मंजूर
➤ सीएम सुक्खू ने ST दर्जे, प्राकृतिक पंचायत और मोबाइल नेटवर्क का दिया भरोसा
➤ महिलाओं को 1500 रुपये, शिक्षा-स्वास्थ्य और पर्यटन को लेकर कई बड़े एलान
बैजनाथ/कांगड़ा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को कांगड़ा जिले के दुर्गम बड़ा भंगाल क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए विकास एवं राहत से जुड़े कई बड़े एलान किए। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। इसके साथ ही बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, मोबाइल नेटवर्क, महिलाओं के कल्याण और क्षेत्र के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने हेलिपैड के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
धौलाधार और पीर पंजाल पर्वतमालाओं के मध्य बसा बड़ा भंगाल अपनी अद्वितीय भौगोलिक दुर्गमता और कठिन जीवन-स्थितियों के बावजूद मानवीय साहस, सादगी और संस्कृति की जीवंत मिसाल है।
रात्रि के समय स्थानीय लोगों के साथ सहभोज किया। इसके बाद अलाव के साथ संवाद में उनके जीवन-संघर्ष को समझने का… pic.twitter.com/yOuEXc6WY9
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) June 28, 2026
सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएं, ताकि निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके। उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की घोषणा की गई।
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने अपर और लोअर बड़ा भंगाल में एक-एक डीजल जनरेटर उपलब्ध कराने का एलान किया। उन्होंने सभी घरों में बिजली कनेक्शन और वायरिंग का सर्वे करवाने तथा भविष्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्गम क्षेत्र के लोगों को स्थायी बिजली सुविधा मिल सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू करने, छात्रावास निर्माण कराने तथा सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित करने की घोषणा की। उन्होंने शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्रों के लिए हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय युवाओं को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने की योजना भी घोषित की गई।
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की ब्रांडिंग कर उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही। उन्होंने अखरोट और चेस्टनट की खेती को बढ़ावा देने, स्थानीय मीट उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर जल्द क्षेत्र में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही पर्यटन विकास के लिए उपयुक्त वन भूमि चिन्हित करने के भी निर्देश दिए गए।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं बल्कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों के दुख-दर्द को समझना और उनका समाधान करना है। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल दफ्तरों में बैठकर नहीं बनतीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी जरूरतों को समझना आवश्यक होता है।
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का दर्जा दिलाने और क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी करने का भरोसा दिया। इसके अलावा राशन डिपो का कोटा बढ़ाने तथा बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण पर भी विचार करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिला मंडलों और युवक मंडलों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने दो महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये देने का एलान किया। साथ ही पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा भी की।



